hisar-news-villagers-of-panihari against-sarpanch-in-support-of-cowshed![]() |
| खेड़ी चोपटा पर एसडीएम विकास यादव को ज्ञापन सौंपते हुए ग्रामीण। |
नारनौंद : गांव पनिहारी में पंचायती भूमि पर बनी गौशाला को लेकर ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम खेड़ी चौपटा तहसील कार्यालय पर एसडीएम विकास यादव को ज्ञापन सौंपकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। बरवाला डीएसपी सुमित कुमार, बरवाला थाना प्रभारी करमजीत सिंह, खेड़ी चौपटा चौकी प्रभारी विनोद कुमार मामले पर नजर रखे हुए थे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तहसीलदार नरेंद्र कुमार को तैनात किया गया था।
ग्रामीण रोहतास, अजमेर, संदीप, सुरजा, सीताराम, कुलबीर, वीरभान, धर्मपाल, नवीन, रामकेश, चेतन, मास्टर चंद्र प्रकाश, महाबीर,ब विक्रम, रामनिवास, सुमित, कृष्ण आदि ने बताया कि गांव पनिहारी में काफी समय पहले मंदिर के साथ में ही बाबा दयापुरी गौशाला का निर्माण किया गया था। गांव के सरपंच ने प्रशासन को गुमराह करके गौशाला की चारदीवारी गिरवा दी गई। इसके बाद गौशाला में कुत्ते सहित अनेक पशु जाकर छोटे बछड़ों को नुकसान पहुंचाने लगे। प्रशासन ने दो बार कार्रवाई करके दीवार को गिरवा दिया गया है जिसके कारण गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। अगर भविष्य में प्रशासन की तरफ से कार्रवाई की गई तो ग्रामीण बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। गांव में कुल 15 पंच है। जिनमें से आठ पंच गौशाला के निर्माण के हक में हैं।
सरपंच उनके झूठे हस्ताक्षर करवा कर रिपोर्ट पेश कर रहा है। इसकी भी जांच होनी चाहिए। हमारी सरकार से मांग है कि विधान सभा में बिल पास किया जाए। जोहड़ की जमीन पर गौशाला, स्कूल या कोई अन्य सार्वजनिक बिल्डिंग बनी हो तो उसको तोड़ा ना जाए। वही बरवाला के विधायक बीडीपीओ बरवाला और गांव के सरपंच के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएं। इन्हीं मांगों को लेकर एसडीएम विकास यादव को ज्ञापन सौंपा है। इस पूरे मामले की जांच के लिए प्रशासन की तरफ से एक कमेटी का गठन किया गया हैं। जिसमें नायब तहसीलदार खेड़ी चौपटा, नायब तहसीलदार नारनौंद, बीडीपीओ बरवाला, बीडीपीओ नारनौंद को शामिल किया गया है जो कि सात अगस्त को गांव के दोनों पक्षों को संयुक्त जांच के लिए बुलाया गया है।
इस संबंध में एसडीएम विकास यादव ने बताया कि ग्रामीणों के एक पक्ष का ज्ञापन लिया गया हैं। एक कमेटी बनाई गई हैं जो कि संयुक्त रूप से जांच करेगी। ग्रामीणों के साथ सात अगस्त को नारनौंद में बैठक करके मामले को निपटाया जाएगा।


